माँ दुर्गा का जन्म हिमालय पर्वत की गुफा में हुआ जब सभी देवियों ने अपनी शक्ति एकत्रित की।
शक्ति की अवतार
माँ दुर्गा शक्ति की देवी हैं। वे महिषासुर के वध के लिए तेज कोप में प्रकट हुईं।
उत्पत्ति: सती के अंगों से उत्पन्न
सर्वशक्तिमान, करुणामयी, वीरता की प्रतीक
सर्वशक्तिमान, करुणामयी, वीरता की प्रतीक
दुर्गा पूजा, नवरात्रि
दुर्गा सप्तशती
माँ दुर्गा का जन्म हिमालय पर्वत की गुफा में हुआ जब सभी देवियों ने अपनी शक्ति एकत्रित की।
रक्षा का प्रतीक
धर्म की रक्षा
ॐ दुर्गायै नमः
दुर्गा को नमन है
माँ दुर्गा की पूजा प्राचीन काल से चली आ रही है। दुर्गा सप्तशती में उनकी महिषासुर के वध की कथा वर्णित है।
गुवाहाटी, असम
51 शक्ति पीठों में से एक
वाराणसी
प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर
दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल में सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। महिषासुर मर्दिनी की कल्पना भारतीय कला में प्रसिद्ध है।
दुर्गा शक्ति की देवी हैं। उनका युद्ध महिषासुर के साथ अधर्म के विरुद्ध धर्म की विजय का प्रतीक है।
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।
जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में विराजमान हैं, उन्हें बार-बार नमन है।
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