+91 8130 405 068 info@hindurakshadal.co.in उत्तर प्रदेश
वापस जाएं
माँ दुर्गा शक्ति की अवतार

परिचय

माँ दुर्गा शक्ति की देवी हैं। वे महिषासुर के वध के लिए तेज कोप में प्रकट हुईं।

उत्पत्ति: सती के अंगों से उत्पन्न

मुख्य गुण

सर्वशक्तिमान, करुणामयी, वीरता की प्रतीक

मुख्य गुण

सर्वशक्तिमान, करुणामयी, वीरता की प्रतीक

त्योहार

दुर्गा पूजा, नवरात्रि

ग्रंथ

दुर्गा सप्तशती

कथा / मिथक

माँ दुर्गा का जन्म हिमालय पर्वत की गुफा में हुआ जब सभी देवियों ने अपनी शक्ति एकत्रित की।

प्रतीकवाद

ढाल

रक्षा का प्रतीक

तलवार

धर्म की रक्षा

शक्तियां / क्षमताएं

  • सर्वशक्तिमान
  • असुरों का विनाश
  • भक्तों की रक्षा

मंत्र

दुर्गा मंत्र

ॐ दुर्गायै नमः

दुर्गा को नमन है

ऐतिहासिक महत्व

माँ दुर्गा की पूजा प्राचीन काल से चली आ रही है। दुर्गा सप्तशती में उनकी महिषासुर के वध की कथा वर्णित है।

प्रमुख मंदिर

कामाख्या मंदिर

गुवाहाटी, असम

51 शक्ति पीठों में से एक

वैद्यनाथ मंदिर

वाराणसी

प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर

सांस्कृतिक प्रभाव

दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल में सबसे बड़े त्योहारों में से एक है। महिषासुर मर्दिनी की कल्पना भारतीय कला में प्रसिद्ध है।

दार्शनिक पहलू

दुर्गा शक्ति की देवी हैं। उनका युद्ध महिषासुर के साथ अधर्म के विरुद्ध धर्म की विजय का प्रतीक है।

क्षेत्रीय परंपराएं

  • पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा विशेष धूमधाम से होती है
  • दक्षिण भारत में नवरात्रि में दुर्गा की विशेष पूजा होती है
  • उत्तर भारत में नवरात्रि के नौ दिन विशेष पूजा के होते हैं

या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।

जो देवी सभी प्राणियों में शक्ति रूप में विराजमान हैं, उन्हें बार-बार नमन है।

— दुर्गा सप्तशती

संबंधित देवी-देवता

हिन्दू रक्षा दल से जुड़ें

धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के लिए हमारे साथ जुड़ें।

होम पेज पर जाएं