श्री कृष्ण का जन्म मथुरा में एक कारागार में हुआ था। उनके माता-पिता वासुदेव और देवकी थे। कंस ने देवकी के आठवें सुत को मारने की प्रतिज्ञा ली थी। जन्म के तुरंत पश्चात, कृष्ण को यशोदा के घर पहुँचा दिया गया जहाँ उन्होंने बाल्यकाल बिताया। कृष्ण ने अपने बचपन में अनेक लीलाएँ कीं - माखन चोरी, गोपियों के साथ रास लीला, कालिया नाग का वध, बकासुर का वध आदि। गोकुल में उन्होंने गोपालक की भूमिका निभाई और गोपियों को भक्ति का मार्ग दिखाया। महाभारत के युद्ध में वे अर्जुन के सारथि बने और गीता का अमूल्य उपदेश दिया।