भगवान शिव की उत्पत्ति के अनेक कथाएं हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, उन्होंने अग्नि स्तंभ से प्रकट होकर ब्रह्मा और विष्णु को अपना विराट रूप दिखाया। वे सती के पति और गणेश तथा कार्तिकेय के पिता हैं।
भगवान शिव
भगवान शिव हिन्दू धर्म के सबसे महान देवताओं में से एक हैं। वे त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु, शिव) में से एक हैं और महादेव, नटराज, भोलेनाथ के नाम से भी जाने जाते हैं।
निवास: कैलाश पर्वत
दया, करुणा, त्याग, संहारक और संरक्षक
दया, करुणा, त्याग, संहारक और संरक्षक
महाशिवरात्रि, सोमवार व्रत
शिव पुराण, श्रीमद्भागवत
भगवान शिव की उत्पत्ति के अनेक कथाएं हैं। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, उन्होंने अग्नि स्तंभ से प्रकट होकर ब्रह्मा और विष्णु को अपना विराट रूप दिखाया। वे सती के पति और गणेश तथा कार्तिकेय के पिता हैं।
त्रि-गुणों का संहार
मन का नियंत्रण
तपस्या की शक्ति
ॐ नमः शिवाय
शिव को नमन है
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्।।
हम त्रिगुणात्मक शिव की उपासना करते हैं जो सुगंधि और पुष्टि देने वाले हैं। मृत्यु से मुक्ति दें।
भगवान शिव की पूजा प्राचीन काल से चली आ रही है। शिव पुराण और अनेक पुराणों में उनकी महिमा का वर्णन है। शिव के अनेक मंदिर भारत में हैं।
वाराणसी, उत्तर प्रदेश
12 ज्योतिर्लिंगों में से एक
गुजरात
प्रथम ज्योतिर्लिंग
जम्मू-कश्मीर
बर्फ का शिवलिंग
भगवान शिव की छवि भारतीय कला, साहित्य और संस्कृति में गहरी है। नटराज की मूर्ति विश्व प्रसिद्ध है। शिव का 'ओम' प्रतीक सनातन धर्म का प्रतीक बन गया है।
शिव 'परमशिव' हैं जो सर्वव्यापी और अनंत हैं। उनकी तपस्या और संयम से ज्ञान प्राप्त होता है। शिव 'सृष्टि के नर्तक' (नटराज) हैं जो सृजन, पालन और संहार के स्वामी हैं।
ॐ नमः शिवाय।
हे शिव को नमन है।
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